१
आँख देखती है
दिल को कोई अहसास नही होता।
इसी लिए अब
कोई प्यार का घर आबाद नही होता।
२
चाहतें तो बहुत हैं
सब पूरी कर लेंगें एक दिन ।
ये अलग बात है-
उन चाहतों में कोई दूसरा ना होगा।
३
आने को कहा था
पर नही आये
अब इस बात पर खुशी होती है।
किस किस से बाँटते अपनी खुशी
अपनी तो
खुशी में भी आँख रोती है।
४
यहाँ कोई
किसी के लिये नही जीता।
यहाँ कोई
किसी गम में नही पीता।
कुछ को शौक है
कुछ को आदत है यहाँ।
वर्ना दिल तो सभी का
सदा रहता है रीता।

गहरे दर्शन को उड़ेलती क्षणिकायें...
ReplyDeleteबहुत अच्छी क्षणिकाये...
ReplyDeleteसभी प्यारी हैं...
सभी लाजवाब ... दर्शन का गहरा पुट लिए ... आखरी वाली क्षणिका तो बहुत अच्छी लगी ..
ReplyDeleteआपकी इस प्रविष्टी की चर्चा आज के चर्चा मंच पर की गई है। चर्चा में शामिल होकर इसमें शामिल पोस्ट पर नजर डालें और इस मंच को समृद्ध बनाएं.... आपकी एक टिप्पणी मंच में शामिल पोस्ट्स को आकर्षण प्रदान करेगी......
ReplyDeleteबढ़िया क्षणिकाएँ।
ReplyDeleteबहुत गहरे उतारा!!
ReplyDeleteबढ़िया क्षणिकाएँ।
ReplyDeleteटिप्स हिंदी में
बहुत अच्छी क्षणिकाये...
ReplyDeleteanubhawi saar
ReplyDeleteबेहतरीन क्षणिकाएं ...
ReplyDeleteयहां कोई किसी के लिये नही जीता, पर पागल मन फिर भी चाहता है साथ पाना ।
ReplyDeleteDil to sabhi ka sada rehta hai Reeta. Bilkul sach hai.Ab kya kare praani.
ReplyDeletebahut khoob likha aapne...
ReplyDeleteवाह..
ReplyDeleteसुन्दर प्रस्तुति.....बहुत बहुत बधाई...
bahut umda!
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