Tuesday, December 18, 2007

एक सवाल....

हर रात
नया सपना
जन्म लेता है।
हर सुबह
वह अपना दम तोड़ देता है ।
अंधेरे और रोशनी की
इस लड़ाई में,
कौन जीता
यह दिखाई नही देता है।

फिर भी छूटता नही,
सपने बुनने का चलन।
एक की जगह
दूसरा ले लेता है।
बस बुनते रहो और टूटते हुए देखो,
जीवन क्या यही,
बस हमें देता है?