Wednesday, October 31, 2007

बचाव

आग को लगनें दो
आग से रोशनी फैलेगी

तभी नजर आएगा

कि हमारे आस-पास

क्या हो रहा है।

इस की परवाह

कौन करता है-

कि यह आग

किस के घर पर लगी है।

यह आग

जिस के कहनें पर

हम लगाते हैं।

उस की नजर

हमारे घर पर भी है।

इस आग में

जलते अरमा,इंसा और...

चीखते घरों का बोझ

हमारे सर पर भी है।

इस आग से बचना है तो

इस आग से मत खेलों।

जिस के कहनें पर

आग लगाते हो

उसे मत झेलों।