Saturday, June 26, 2010

एक भीगी - सी याद..- पिताजी की पुण्य तिथि पर...




नींद उड़ जाती है जब जिक्र तेरा होता है।
अकेला जब होता है  दिल, बहुत रोता है।

उदास रातों मे अक्सर नजर आता है तू,
ये हादसा क्यूँ बार बार, मेरे संग होता है।

कौन देगा जवाब अब ,मेरे सवालों का,
तू अब चैन से बहुत दूर कहीं सोता है।

मेरे हरिक दुख को सुख मे बदलने वाले,
इतना नाराज कोई, अपनो से  होता है।

या खुद आ या बुला मुझको पास अपने,
परमजीत से अब नही इन्तजार  होता है।

17 comments:

  1. आपके पिता जी की पुण्य तिथि पर हमारी ओर से श्रधा सुमन अर्पित हैं ।
    बेशक, मात पिता की आपूर्ति कभी नहीं हो सकती ।

    ReplyDelete
  2. हमारी और से भी श्रधांजलि ...

    ReplyDelete
  3. "अत्यंत भावुक रचना......."

    ReplyDelete
  4. आप के पिता जी की इस पुन्य तिथि पर हमारी तरफ़ से भाव भीनी श्रधांजलि!!!
    मै अपने पिता की अंतिम समय मै कोई सेवा नही कर पाया, ओर उन से मिल भी नही पाया, सच कहते है कि जब मां बाप की याद आती है तो दिल रो रो उठता है.

    ReplyDelete
  5. dil ko chhuti rachna........aapke pita ko meri bhi shradhhanjali..:)

    ReplyDelete
  6. आपके पिता जी को भावुक श्रद्धांजलि ।

    ReplyDelete
  7. सच ही है माता पिता कि कमी कोई पूरी नहीं कर सकता. पिता जी कि पुण्य तिथि पर उनको श्रद्धांजलि ।

    ReplyDelete
  8. aankhen bhigo di....vakai pita ke jane ke baad khud ko kitna akela, besahara mehsoos karte hain ham.....

    ReplyDelete
  9. अति सुन्दर भावपूर्ण रचना..
    सच्ची श्रधांजलि.. उन तक भी यह पहुंची होगी..
    सच है माता-पिता के जैसा कोई नहीं ही सकता..
    उनकी कमी कभी पूरी नहीं हो सकती.

    मेरे दादा जी के गुजर जाने के बाद, मेरे पिता जी ने एक ही वाक्य कहा था... "बेटा, आज मेरे सर से एक साया चला गया...".
    जबकि पिता जी खुद ५५-६० साल के थे... किन्तु तब भी उन्हें दादा जी का साया लगता था...

    माता-पिता सदैव बच्चों के लिए होते हैं.. चाहे बच्चे कितने भी बड़े हो जाएँ..

    हमारी भी श्रधांजलि...

    जयंत

    ReplyDelete
  10. बाली जी ,

    माता -पिता पर लिखी हर रचना अतुलनीय होती है .....

    श्रद्धा सुमन अर्पित करती हूँ ......!!

    ReplyDelete
  11. कौन देगा जवाब अब ,मेरे सवालों का,
    तू अब चैन से बहुत दूर कहीं सोता है।

    bhavuk kar dene wali rachna..

    Parents are our best guide, companion and friends.

    ReplyDelete
  12. vo mata pita bhut khuskismt hote hai jinhe unki sntan is trha yad krti hai vrna aajkl to smy ki kmi ki duhai dekr log bmushkil terhvi tk aansu bhate hai .
    aapke pitaji ki punytithi pr bhavbhini shrdhanjli .

    ReplyDelete
  13. हमारी ओर से श्रधा सुमन अर्पित हैं ।

    ReplyDelete
  14. हमारी ओर से श्रधा सुमन अर्पित हैं ।

    ReplyDelete
  15. बहुत भावपूर्ण रचना ...

    ReplyDelete

आप द्वारा की गई टिप्पणीयां आप के ब्लोग पर पहुँचनें में मदद करती हैं और आप के द्वारा की गई टिप्पणी मेरा मार्गदर्शन करती है।अत: अपनी प्रतिक्रिया अवश्य टिप्पणी के रूप में दें।