Saturday, June 20, 2009

तुम बिन कौन...

(चित्र गुगुल से साभार)

रात गई आया उजियाला फिर नयी प्रभात हुई,
तुम बिन कौन सहारा मेरा,जिसने मेरी बात सुनी।

तेरा लिए आसरा चलता अनजानें इन रस्तों पर,
कदम-कदम पर अपनों की हमनें तो बस घात सही।

क्या हम मंजिल पर पहुँचेगें तेरे किए इशारों पर,
या फिर रस्ते में टूटेगीं साँसों की सौगात कहीं।

रात गई आया उजियाला फिर नयी प्रभात हुई,
तुम बिन कौन सहारा मेरा,जिसने मेरी बात सुनी।

25 comments:

  1. आपाधापी और भागमभाग के इस दौर मे मौकापरस्ती को बयां करती पोस्ट्।सच ऐसे मे अपने किसी करीबी के सहारे की सख्त ज़रूरत महसूस होती है।बहुत बढिया लिखा आपने।

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  2. apne vichaar to achhe rakhe hai Sir...par aaki rhyming scheme pe thoda aitraaz hai mujhe,galat to nahi hai,par flow ko thoda weak bana rahee hai


    www.pyasasajal.blogspot.com

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  3. क्या शे'र हैं, दिल लुभा गया...

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  4. atisundar kawita our picture .......manmohak.....prabhaawshali

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  5. लाजवाब चित्र के साथ अच्छी रचना .......... aashaa और उम्मीद से भरी

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  6. bahut sundar chitr ke sath ek ashavadii aur khubsoorat rachana,saral ,sahaj aur bodhgamya.
    HemantKunar

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  7. मंज़िल मिले न मिले ,
    इसका कोइ गम नहीं ,
    सुकूं है तो इस बात का ,
    जुस्तजू-ए-मंज़िल मेरा कारवां तो है ||

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  8. चित्र ने रचना में जान डाल दी या रचना ने चित्र में, बता पाना मुश्किल है. बेहतरीन रचा है, बधाई.

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  9. बहुत सुन्दर अध्यात्मक मन से बहती सरिता ऐसे ही अपने प्रवाह के साथ बहा ले जाती है बधाई आभार्

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  10. shabod main dube khubsurat ehsaas,...........
    bahut accha likha hai....

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  11. aadarniya baali saheb ,

    namaskar

    deri se aane ke liye kshama chahunga..

    aapki rachna padhkar man ek spiritual feel me chala gaya .. aashaao ko jagaati hui rachna .. prakruti ke kareeb le jaati rachna ..

    meri badhai sweeka r karen..

    aapka
    vijay

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  12. yanha blog ki duniya main aapsi cheetakashi ke alawa naya rachne ka utsah nahi dikhta. aap aise blogger hain jo sachche lagte hain aur vrihdaranyak upnishad ki pankti aatmanastu kamay sarv priyam bhavtu ko jeete huye lagte hain.

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  13. BAHOT HI KHUBSURTI SE AAPNEAPNI BAAT KO... DHERO BADHAAYEE.............


    ARSH

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