Saturday, September 20, 2008

नजरिया

मेरा सच
तुम्हारा भी सच हो
यह हमेशा जरूरी तो नहीं होता।
रोना बच्चों का स्वाभाव है।
लेकिन
सिर्फ भूख के लिए -
हर बच्चा तो नही रोता।

21 comments:

  1. क्या बात है, कितनी गहरी बात कह गये, परमजीत!!! छा गये भाई..बधाई!!!

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  2. क्या बात है परमजीत बाली जी, आपकी इन पंक्तियों पर मेरा यह कह्हे के मन कर रहा है
    दीपक भारतदीप
    ---------------
    चेहरे पर हंसी होने का मतलब हमेंशा
    दिल का खुश होना नहीं होता
    कई लोग खिलखिलाते हैं दूसरों को
    हँसाने के लिए
    ताकि उनके पेट की भूख मिट जाए
    आंसू बहाना भी हमेंशा रोना नहीं होता
    कुछ लोग रोते हैं दूसरे को दहलाने के लिए
    ताकि चंद सामान मिल जाए
    अपने मन की भूख मिटाने के लिए
    इंसान खेलता है जज्बातों के साथ
    जो उसके लिए कभी पराया तो कभी अपना होता
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  3. वाह कीतना अच्छा कविता लीखें हैं।
    बहुत गहराई है।
    धन्यवाद!

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  4. Namskar or Jharkhadi Johar

    AAp ki rachan bhaw ko chuti hai. kuchh new meli aysi ummid humeri hai.

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  5. kam lafzon me kitni gambheer baat kahi hai.....
    main vismit hun,tarif ke shabd kam padenge

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  6. कम शब्दों में बहुत कहा।

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  7. रोना बच्चों का स्वाभाव है।
    लेकिन
    सिर्फ भूख के लिए -
    हर बच्चा तो नही रोता।
    "very deep thought from heart"

    Regards

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  8. baat kum shabdon mein hai lekin gehri hai.

    dhanyabad

    harminder singh
    (vradhgram)

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  9. क्या बात है , इसे पढ़कर मुझे भी कुछ कहने का जी कह गया --
    हँसते हुए चेहरे के पीछे भी रोते रहते हैं कई
    आँखे खुली होने पर भी सोते रहते है कई
    कुछ न नजर आने पर भी हादसे होते रहते है कई

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  10. बहुत सुन्दर और सारगर्भित।

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  11. मेरा सच तुम्हारा सच नहीं हो सकता ,बात बहुत छोटी मगर बहुत गहरी ,एक गहन चिंतन की अपेक्षा करती हुई ,मेरी समझ में नही आता की मेरा सच किसी और का सच्नाहीं हो सकता पर कितना विचार करूं-दर्शनशास्त्र देखू या प्राचीन धार्मिक ग्रंथों में खोजूं किसी रात नींद उचाट गई तो इसपर विचार करूंगा वैसे दिल दी डायरी में भी और एक जेब में रखे पुर्जे पर भी नोट करलिया है कि किसी एक का सच दूसरे का सच नहीं हो सकता और कभी हुआ भी होगा तो वे कौनसी परिस्थितियां रहीं होंगी जब ऐसा हुआ होगा

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  12. mera sach tumhara b sach ho ye jaruri to nahi kya baat hai sir ji. maja a gaya vakai kam shabdo me bahut kuch kah diya apne

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  13. sirf bhukh keliye tobachha nhi rota
    ye pnktiya mn ko choo gai.

    gagr me sagr bhr li aapne.

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  14. सिर्फ भूख के लिए -
    हर बच्चा तो नही रोता।

    bahut sahi kaha aapane |

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  15. बिलकुल सही कहा आप ने....
    मेरा सच तुम्हारा भी सच हो....
    दो शव्दॊ मे कितना सच छुपा कर कह दिया...
    धन्यवाद

    लेकिन यह पोस्ट आज केसे आ गई जब की यह तो २० या २१ को डाली थी, मुझे आज मिली.

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