Sunday, July 29, 2007

मदद करो है चिटठाकारों







8 comments:

  1. 'टूनडूज' के बारे में जानकर अच्छा लगा। आप इसे प्रयोग कर रहें हैं, अपना अनुभव बताइये। हिन्दी के लिये यह किस प्रकार से उपयोगी हो सकता है, सोचा जाय!

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  2. जगदीश भाटियाSunday, July 29, 2007 at 2:28:00 PM GMT+5:30

    आप जो लिखने के लिये डिब्बा चुनते हैं तो दो तरह के डिब्बे दिखाई देते हैं एक सफेद और दूसरे जिनमें दुनिया का नक्शा बना है।
    आप नक्शे वाला डिब्बा चुनें और हिंदी कापी पेस्ट करें।

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  3. टून डू मे दो तरह के टेक्स्टबाक्स होते है, एक जो आपने सिलेक्ट किया है, दूसरे पर ग्लोब बना होता है(वो इस टेक्स्टबाक्स के नीचे होता है) वो वाला सिलेक्ट करिए, अपना हिन्दी का लिखा, कापी पेस्ट करिए, आपका कार्टून हिन्दी मे दिखने लगेगा।

    अब जल्दी से अगला कार्टून भी बना डालिए।

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  4. अब इसी को हिंदी में कर डालिये।

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  5. जगदीश जी व जितेन्द्र जी,आप के कहे अनुसार करने पर मुझे हिन्दी को वहाँ पेस्ट करने पर ड्ब्बे-से नजर आते हैं या ? प्रश्नवाचक चिन्ह नजर आने लगते हैं। कृपया बताए कौन -सा हिन्दी का सोफ्टवैयर इस्तमाल करूँ?मै बराह प्रयोग करता हूँ।

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  6. परमजीत जी,
    पहले आप बारहा से नोटपैड पर हिन्दी लिखें फिर उसे कट पेस्ट कर चिपकाएँ. संभवतः समस्या सुलझ जानी चाहिए.

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  7. रवि जी, नोट पेड पर बराह से लिखने पर भी डिब्बे बन जाते हैं।बताएं क्या करूँ?

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  8. आपने लिखा: "रचनाकार परमजीत बाली की विनम्र निवेदन-इस ब्लोग पर प्रकाशित कोई भी रचना बिना अनुमति कही अन्यंत्र प्रकाशित ना करें।"

    लेकिन आपका चिट्ठा कहता हैळ्

    licence- Creative Commons License
    This work is licensed under a Creative Commons Attribution 2.5 India License

    कहीं कुछ अनदेखा तो नहीं रह गया ???

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